" मेरा पूरा प्रयास एक नयी शुरुआत करने का है। इस से विश्व- भर में मेरी आलोचना निश्चित है. लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता "

"ओशो ने अपने देश व पूरे विश्व को वह अंतर्दॄष्टि दी है जिस पर सबको गर्व होना चाहिए।"....... भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री, श्री चंद्रशेखर

"ओशो जैसे जागृत पुरुष समय से पहले आ जाते हैं। यह शुभ है कि युवा वर्ग में उनका साहित्य अधिक लोकप्रिय हो रहा है।" ...... के.आर. नारायणन, भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति,

"ओशो एक जागृत पुरुष हैं जो विकासशील चेतना के मुश्किल दौर में उबरने के लिये मानवता कि हर संभव सहायता कर रहे हैं।"...... दलाई लामा

"वे इस सदी के अत्यंत अनूठे और प्रबुद्ध आध्यात्मिकतावादी पुरुष हैं। उनकी व्याख्याएं बौद्ध-धर्म के सत्य का सार-सूत्र हैं।" ....... काज़ूयोशी कीनो, जापान में बौद्ध धर्म के आचार्य

"आज से कुछ ही वर्षों के भीतर ओशो का संदेश विश्वभर में सुनाई देगा। वे भारत में जन्में सर्वाधिक मौलिक विचारक हैं" ..... खुशवंत सिंह, लेखक और इतिहासकार

प्रकाशक : ओशो रजनीश | गुरुवार, अक्तूबर 21, 2010 | 17 टिप्पणियाँ


1937 में तिब्‍बत और चीन के बीच बोकाना पर्वत की एक गुफा में सात सौ सोलह पत्‍थर के रिकार्ड मिले है—पत्‍थर के।

आकार में वे रिकार्ड है महावीर से दस हजार साल पुराने यानी आज से कोई साढ़े बारह हजार साल पुराने। बड़े आश्‍चर्य के है, क्‍योंकि वे रिकार्ड ठीक वैसे ही है जैसे ग्रामोफोन का रिकार्ड होता है। ठीक उसके बीच में एक छेद है, और पत्‍थर पर ग्रूव्‍ज है। जैसे की ग्रामोफोन के रिकार्ड पर होते है। अब तक राज नहीं खोला जा सका है कि वे किस यंत्र पर बजाये जा सकेंगे।

लेकिन एक बात तो हो गई है— रूस के एक बड़े वैज्ञानिक डा. सर्जीएव ने वर्षों तक मेहनत करके यह प्रमाणित कर दिया है कि वे है तो रिकार्ड ही। किस यंत्र पर और किस सुई के माध्‍यम से वे पुनरुज्जीवित हो सकेंगे। वह अभी तय नहीं हो सका। अगर एकाध पत्‍थर का टुकड़ा होता तो सांयोगिक भी हो सकता है।

सात सौ सोलह है। सब एक जैसे, जिनमें बीच में छेद हे। सब पर ग्रूव्‍ज है और उनकी पूरी तरह सफाई धूल-ध्वांस जब अलग कर दि गयी और जब विधूत यंत्रों से उनकी परीक्षा की गई तब बड़ी हैरान हुई, उनसे प्रति पल विद्धुत की किरणें विकिरणित हो रही है।

लेकिन क्‍या आदमी के आज से बाहर हजार साल पहले ऐसी कोई व्‍यवस्‍था थी कि वह पत्‍थरों में कुछ रिकार्ड कर सके? तब तो हमें सारा इतिहास और ढंग से लिखना होगा।

ओशो

महावीर वाणी

17 पाठको ने कहा ...

  1. Kitne aashchary kee bat hai ki record mile hain poore vaigyanik tareeke se banaye hue par hum unhe sulza nahee sakte. Kamal kee jankaree.

  2. arvind says:

    bahut hi rahasyapurn jaankaari....aabhaar.

  3. sudhir kumar says:

    क्या कहे ...... निशब्द कर एते है ओशो के शब्द

  4. M.R.Ghori says:

    ओशो की चमत्कारिक बातों के बारे में हम क्या कहें...

  5. बढ़िया विचार है ओशो के लेकिन एक बात तो है की सब कुछ सत्य है ..

  6. ANUPAM says:

    विज्ञान हमेशा आगे बढता है अपने अतीत से सबक लेते हुए ।

  7. बेनामी says:

    nice.

    aman jeet singh,,

  8. bhai
    namaskar

    maine osho neo sanyaas liya hai , mera sanyaas ka naam swami prem vijay hai , maine ye sanyas jabalpur me liya hai ,

    aapke lekh padhte rahta hoon
    kuch apne baare me bataye ..

    vijay
    09849746500

  9. Osho says:

    बढ़िया लिखा है आपने ......

  10. Osho says:

    मेरे ब्लॉग पर भी आये ......
    http://mereosho.blogspot.com/

  11. यहाँ भी आये ....
    http://bigboss-s4.blogspot.com/

  12. बढ़िया विचार है ओशो के

  13. जय ओशो...चिन्तन सामग्री.

  14. बढ़िया जानकारी ....

    यहाँ भी आकर आपने विचार दे
    http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/10/blog-post_22.html

  15. यहाँ भी आकर आपने विचार दे
    http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/10/blog-post_22.html

  16. उनके कुछ फोटो पोस्ट कर सके तो कृपा होगी..

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